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Showing posts from May, 2010

धन्ना भगत पर फिल्म बनाएंगे निर्देशक सन्नी अग्रवाल

श्री जीण-श्याम प्रोडक्शन के बैनर तले बनने वाली इस फिल्म के प्रोडयूसर हैं रजनीकांत वोरा, जून के अंतिम सप्ताह में शुरू होगी शूटिंग जयपुर. राजस्थान के जनमानस में बसे धन्ना भगत के जीवन पर राजस्थानी फिल्मों के जान-माने निर्देशक सन्नी अग्रवाल भगत धन्ना जाट के नाम से फिल्म बना रहे हैं।
फिल्म के निर्देशक सन्नी अग्रवाल ने बताया कि यह फिल्म श्री जीण-श्याम प्रोडक्शन के बैनर तले बनाई जा रही है। इसके प्रोड्यूसर रजनीकांत वोरा हैं। पटकथा सूरज दाधीच ने लिखी है और संगीत निर्देशन सतीश देहरा का है।
गाने रिकॉर्ड :फिल्म में छह गाने हैं, जिनकी रिकॉर्डिंग पिछले दिनों संगीतकार सतीश देहरा के निर्देशन में मुंबई के स्टार रिकॉर्डिंग स्टूडियो में की गई। सतीश देहरा, पामेला जैन, रेखा राव और ओमप्रकाश मिश्रा ने गानों को स्वर दिए हैं।
कलाकारों का चयन जारी : फिल्म में धन्ना जाट की भूमिका निर्देशक सन्नी अग्रवाल खुद निभाएंगे। बाकी कलाकारों का चयन किया जा रहा है। शूटिंग जून के अंतिम सप्ताह में शुरू करने का विचार है।

आच्छी फिल्म हर दौर मैं चाली छे

नीलू-अरविंद अर जगदीश व्यास स्यूं हुई मन की बात, जाणकार के अठे सगाई समारोह में आया छा तीनूं, राजस्थानी कलाकारां की खबर छापणे पर भास्कर ने दियो घणूं-घणूं धन्यवाद आपणां सनीमां को दौर फेरूं आवे लो। जोरदार तरीका स्यूं आवे लो। आच्छी फिल्म हर दौर मैं चाली छे अर हर दौर मैं चाले ली। यो केणूं छो राजस्थानी फिल्मां की जाणी-पिछाणी हीरोइन नीलू को। बींद अरविंद के साथ एक सगाई समारोह में शामिल होबा के तांई आया छा जैपुर। ईं समारोह मैं ही आया छा दूसरी रिलीज राजस्थानी फिल्म स्यूं लेर आज तक फिल्मां में सक्रिय कलाकार जगदीश व्यास। होटल क्लार्क आमेर में बातचीत के दौरान यांकी शिकायत छी की आपणां प्रदेश का अखबार ही याने कवरेज कोने देवे, जबकि हिंदी भाषी धारावाहिकां का छोटा स्यूं छोटा कलाकार की भी बड़ी-बड़ी खबरां छापे छे। यां का मन मैं बैठ्योड़ी या धारणा राजस्थान को प्रसिद्ध समाचार पत्र दैनिक भास्कर तोड़ी। भास्कर न केवल यांको इंटरव्यू छाप्यो बल्कि सिटी भास्कर का उण पेज पर यांने जगह दी जठे अब तक केवल बॉलीवुड या हॉलीवुड का कलाकारां ने ही जगां मिलबो करे छी। जयपुर स्यूं रवाना होती बखत तीनां का चेहरा पर इं बात की खुशी …

शिरीष कुमार

जन्म : साकर में।
पहली राजस्थानी फिल्म : सुपातर बीनणी।
अब तक : 16 राजस्थानी फिल्मों में अभिनय। पांच में नायक के रूप में तथा 11 में केंद्रीय भूमिका निभाई।
विशेष : तैंतीस वर्षों से थिएटर व सिनेमा में सक्रिय। कई नाटकों का लेखन व निर्देशन। रामू चनणा, ओजी रे दीवाना, पराई बेटी और बीरो भात भरण ने आयो जैसी कई हिट राजस्थानी फिल्मों का लेखन। साथ ही कई फिल्मों में इनके लिखे गीत खासे लोकप्रिय रहे।
सम्मान व पुरस्कार
1. अंतरराष्ट्रीय राजस्थानी सम्मेलन(2000) में फिल्म व नाट्य क्षेत्र में योगदान के लिए विशेष सम्मान।
2. गणगौर उत्सव (2006) पर राजस्थानी जन जागरण प्रवासी संघ मुंबई एवं दोपहर सामना द्वारा विषेष सम्मान।
3. पिंकसिटी प्रेस क्लब में 25 फरवरी 2007 में आयोजित राजस्थानी फिल्म अवार्ड समारोह में बेस्ट एक्टर अवार्ड।
4. राजस्थान दिवस पर मुंबई में आयोजित राजस्थानी फिल्म फेयर अवार्ड में घूमर कला अकादमी की ओर से लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड।
इन दिनों : बहू म्हारी लाखां री, भाई-बंदी, बिदाई, त्रिपुर सुंदरी सहित  अन्य आने वाली फिल्मों में अभिनय व लेखन में व्यस्त

मुकेश चंद्र शर्मा

 जन्म : राजस्थान की राजधानी जयपुर में।
पहली राजस्थानी फिल्म : म्हारो बीरो है घनश्याम।
अब तक :5 राजस्थानी फिल्मों में चरित्र भूमिकाएं कीं। इसके अलावा कई वीडियो फिल्मों में अभिनय।
विशेष : थिएटर पर सक्रिय। दूरदर्शन सहित अन्य चैनलों पर प्रसारित धारावाहिकों के साथ ही हिंदी फिल्मों में भी विभिन्न रोल किए।
इन दिनों :राजा मोरध्वज सहित दो फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त।

हम ही नहीं देखेंगे तो कौन देखेगा हमारा सिनेमा

राजस्थानी भाषा की सौवीं फिल्म होने का गौरव प्राप्त करने वाली फिल्म ओढ़ ली चुनरिया के नायक इमरान खान कोहरी बॉम्बे से बीकानेर जाते समय कुछ देर के लिए जयपुर रुके। इस दौरान हमने उनसे राजस्थानी सिनेमा की स्थिति पर चर्चा करने के साथ उनके कैरिअर के बारे में भी बात की।  शिवराज गूजर दूसरे राज्यों की तुलना में आप राजस्थानी सिनेमा को कहां पाते हैं।
अन्य राज्यों से राजस्थानी सिनेमा की तुलना करना ही बेमानी है क्योंकि वहां सिनेमा को सरकार का पूरा सपोर्ट मिलता है। सब्सिडी के साथ ही अन्य कई सहयोग सरकार की ओर से निर्माता को मिलते हैं। हमारे यहां तो सब्सिडी और अन्य सहायताएं तो दूर की बात है टैक्स फ्री करवाने में निर्माता-निर्देशकों की चप्पलें घिस जाती हैं।
यानी सरकार सहयोग करे तो राजस्थानी सिनेमा में जान फूंकी जा सकती है?
बिल्कुल, लेकिन इसके साथ ही हमारे लोगों को भी राजस्थानी फिल्मों के प्रति नजरिया बदलना पड़ेगा। जैसे ही कोई हिंदी या इंग्लिस डब फिल्म रिलीज होती है लोग देखने को टूट कर पड़ते हैं, लेकिन राजस्थानी फिल्म के प्रति ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिलता। अपनी भाषा के सिनेमा के प्रति यह उदासीनता भी राज…

आशासिंह भाटी

जन्म : आसाम, गुवाहाटी
पहली राजस्थानी फिल्म : मां राजस्थान री
अब तक : सात राजस्थानी फिल्मों में अभिनय। करीब  200 वीडियो फिल्में और एलबमों में काम किया। करीब 8 विज्ञापन फिल्में की।
विशेष : थियेटर पर 1997 से सक्रिय। करीब 20 नाटकों में विभिन्न प्रकार की भमिकाओं का निर्वाह। इसके अलावा नुक्कड़ नाटकों में लगातार सक्रिय।
इन दिनों : दो राजस्थानी फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त। एक टेली फिल्म बलजी-भुरजी में भी कर रही हैं अभिनय।

मनीष कल्ला

 जन्म : जोधपुर में।
पहली राजस्थानी फिल्म : बाई रा भाग।
अब तक : चार राजस्थानी फिल्मों में अभिनय किया। एक रिलीज हो चुकी है, तीन आने वाले दिनों में रिलीज होंगी।
विशेष : 1983 से थियेटर से जुड़ाव। इस दौरान कई नाटकों में अभिनय। कई राजस्थानी वीडीयो एलबमों में भी काम किया।
इन दिनों : अपनी आने वाली फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त।

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