Skip to main content

Posts

Showing posts from September, 2011

"लाडो मरुधरा की शान" दीपावली पर

जयपुर. लेखक, निर्देशक व अभिनेता शिरीष कुमार निर्देशित राजस्थानी फिल्म "लाडो मरुधरा की शान" दीपावली पर रिलीज होगी। बेटी के अधिकारों और उसकी ओर से किए जाने वाले कई महत्वपूर्ण कार्यों पर आधारित इस फिल्म की अधिकतर शूटिंग राजस्थान में ही की गई है। सभी कलाकार राजस्थान के  हैं। श्री शाकम्भरी मल्टीमीडिया और च्वाइस इंटरनेशनल के बैनर तले बनी इस फिल्म को सेंसर बोर्ड से यू सटिर्फिकेट मिला है। फिल्म में तन्मय शर्मा, पूजा साहू, विजय सिंह, साइन श्रीवास्तव, अभिनव शर्मा, रमेश तिवारी मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म जयपुर, शेखावाटी क्षेत्र, बीकानेर के साथ राजस्थान के अन्य जिलों में भी रिलीज होगी। निर्देशक शिरीष कुमार ने बताया कि यह फिल्म एक बार फिर पुराने समय की यादें ताजा कर देगी।

शिरीष कुमार आज होंगे मीडियाकर्मियों से रूबरू

जयपुर. फिल्म निर्देशक और अभिनेता शिरीष कुमार गुरुवार को बनीपार्क के मीरा मार्ग स्थित सिद्धविनायक अपार्टमेंट (प्लॉट नं.डी 15) में मीडियाकर्मियों से रूबरू होंगे। वे इन दिनों अपनी आने वाली राजस्थानी फिल्म "लाडो मरुधरा की शान" के प्रमोशन के लिए राजस्थान में हैं। पिछले दिनों जवाहर कला केंद्र में आयोजित राजस्थानी फिल्म फेस्टिवल में लाडो मरुधरा की शान का म्यूजिक रिलीज किया गया था।

"म्हारो कांई कसूर" की शूटिंग शुरू

जेकेके के महानिदेशक हरसहाय मीणा ने दिया मुहूर्त शॉट का क्लैप
जयपुर.  भांकरोटा के पास स्थित एक होटल में बुधवार सुबह राजस्थानी फिल्म "म्हारो कांई कसूर है" का मुहूर्त किया गया।
जवाहर कला केन्द्र के महानिदेशक हरसहाय मीणा के क्लैप देने के साथ ही फिल्म की शूटिंग शुरू हो गई। मुहूर्त शॉट में गोद भराई का दृश्य फिल्माया गया। फिल्म के नर्माता शिवा चौधरी हैं तथा निर्देशन की कमान संभाली है महेश रूणीवाल ने। जाने-माने अभिनेता मोहन कटारिया मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। जेकेके के महानिदेशक हरसहाय मीणा ने कहा कि राजस्थानी निर्माता और निर्देशकों का जेकेके भी हरसंभव सहयोग करेगा।

राजस्थानी फिल्मों ने बढ़ाया हौसला

अभिनेत्री शुभी शर्मा जयपुर आईं, कहा-बड़े बजट की फिल्म नहीं बन पा रही है, इसीलिए भोजपुरी फिल्मों की ओर रुख किया

जयपुर. राजस्थानी फिल्में करना मेरा कर्तव्य है। जब भी अच्छा निर्देशक और कहानी मिलेगी, फिल्म जरूर करूंगी। भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में स्टार बनना एक सपने जैसा है। सच कहूं तो राजस्थानी फिल्म ‘हिवड़े से दूर मत जा’ ने ही मेरा हौसला बढ़ाया, पर आज यहां कोई बड़े बजट की फिल्म नहीं बन पा रही है। इसीलिए भोजपुरी फिल्मों की ओर रुख किया। निर्माता अजय सिन्हा की फिल्म ‘चलनी के चालल दूल्हा’ और ‘ससुरा बड़े पैसे वाला’ में मुख्य भूमिका निभाई। इसके लिए भोजपुरी फिल्म अवार्ड सेरेमनी में बेस्ट अपकमिंग अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। डांस गुरु गणेश आचार्य के साथ ‘रूहतंरग’ की। इसके बाद ‘भईया की साली ओढऩी वाली’ की। अभी वहां के स्टार अभिनेता रवि किशन के साथ फिल्म ‘संतान’ और निरहूआ एंटरटेनमेंट के बैनर पर अभिनेता दिनेश लाल यादव के साथ औलाद की है। द संडे इंडियन और आईसीएमआर के एक सर्वे में भोजपुरी फिल्मों की श्रेष्ठ अभिनेत्री का खिताब मिलना लाइफ का सबसे बड़ा अचीवमेंट रहा।
डांस से मिली ‘मनी है तो हनी है’
जयपुर में …

दोस्त ने बदली किस्मत : ममता पटेल

फिल्म समाराह में बोलीं- राजस्थानी फिल्म ‘सास छुरी बहू छप्पन छुरी’ में करेंगी अभिनय जयपुर. मुंबई में बी.कॉम कर रही थी। तभी एक दोस्त ने डीडी वन गुजराती के लिए मेरे फोटोज बिना पूछे भेज दिए और चयन भी हो गया। गुजराती सीरियल ‘म्हारा साजन जी’ से पहचान मिली। उसके बाद वहीं 40 से अधिक नवरात्र और दुर्गा मां के स्पेशल एलबम में अभिनय किया। यह कहना है नॉटी एट 40, पान सिंह तोमर फिल्म में अभिनय कर चुकी अभिनेत्री ममता पटेल का। वे कहती है, अब महेन्द्र धारीवाल के साथ हिन्दी में ‘हीर विद्स रांझा’, ‘बैंड बजा देंगे’ और राजस्थानी फिल्म ‘सास छुरी बहू छप्पन छुरी’ करने वाली हूं। राजस्थानी फिल्म महोत्सव से यहां की संस्कृति को जाना है।

जल्द ही मिल जाएगा राजस्थानी भाषा को दर्जा

विधानसभा अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह शेखावत ने राजस्थानी फिल्म फेस्टिवल के समापन समारोह में कहा कि उन्होंने हाल ही में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील से राजस्थानी भाषा को मान्यता दिलवाने का आग्रह किया है

जयपुर. राजस्थानी फिल्मों के प्रोत्साहन के लिए सब्सिडी और सिनेमाघरों में प्रदर्शन से पहले राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए मांग करनी होगी। जब तक भाषा को ही दर्जा नहीं मिलेगा, हम किसी भाषायी सिनेमा को आगे बढ़ाने की बात कैसे करेंगे। मिलकर मान्यता के लिए एक मुहिम शुरू करें। यह कहना है कि राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह शेखावत का। राजस्थानी फिल्म महोत्सव के समापन समारोह के मौके पर उन्होंने कहा कि भाषा के लिए हमें स्वयं खड़ा होना होगा। मैंने हाल ही राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील से भाषा की मान्यता अधिकार के लिए निवेदन किया है। लगता है हमें जल्द ही हमारा अधिकार मिल जाएगा। दूरदर्शन जयपुर के डायरेक्टर आर.पी. मीणा ने कहा कि यदि 24 घंटे सेटेलाइट का अधिकार मिल जाए तो रोज एक राजस्थानी कार्यक्रम शुरू किया जा सकता है। महोत्सव जेकेके जयपुर, दूरदर्शन जयपुर, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग जयपुर और राजस्थानी एसोसिएशन…

लाडो मरुधरा की शान

सुरेन्द्र बगवाड़ा . जयपुर
अभिनेता शिरीष कुमार ने कहा कि ऐसी फिल्मों का निर्माण करना चाहिए, जो समाज में जुड़ाव लाएं। दिवाली पर राजस्थान में ‘लाडो मरुधरा की शान’ फिल्म रिलीज करूंगा। लाडो एक बेटी, बहू, परिवार, समाज, राज्य और देश का प्रतीक है। शिरीष कुमार स्कूल व कॉलेज में न केवल सर्वश्रेष्ठ अभिनेता रहे, बल्कि डिबेट में भी कई पुरस्कार जीते। अभिनय में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्ष 2000 में राज्य सरकार ने अंतरराष्ट्रीय राजस्थानी सम्मेलन में सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि महोत्सव रेगिस्तान में केर के पेड़ की तरह आस बना है। अब यहां खेती भी होगी। निर्माता शिवा चौधरी और महेश रूणीवाल के निर्देशन में राजस्थानी फिल्म ‘म्हारा काई कसूर छै’ का मुहूर्त 28 सितम्बर को होगा।
(source-citybhaskar,jaipur)

सास छुरी बहू छप्पन छुरी

राजस्थानी भाषा में बड़े बजट की फिल्मों के अकाल को दूर करने के लिए निर्माता महेन्द्र धारीवाल बनाएंगे सास-बहू कहानी पर फिल्म
सुरेन्द्र बगवाड़ा . जयपुर
राजस्थानी भाषा ने मान-सम्मान दिया है। ‘रमकुड़ी झमकुड़ी’, ‘भोमली’ हमेशा मानस पलट पर रहती हैं। उस समय की यादें और बातें हमेशा प्रोत्साहित करती हैं। कहती हैं ‘मैं हूं तो सब है, सब है तो मैं हूं।’ इसलिए एक बार फिर मेरी मरुधरा पर लौटने का मन हो रहा है। महोत्सव में विचार-विमर्श सेशन में शामिल होने के बाद लगा कि मेरी मां को मेरी जरूरत है। रात को सोते समय काफी सोचा। उसी समय तय कर लिया कि अब राजस्थानी भाषा और सिनेमा को वापस आसमान की ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए पहल करनी होगी। तभी सोचा कि अभी तक सास बहू पर हावी होती है, लेकिन अब मनोरंजन के लिए सास पर बहू को हावी करना होगा। कहानी सोची। ‘सास छुरी बहू छप्पन छुरी’। जनवरी में राजस्थानी में शूटिंग शुरू करूंगा। इसमें कुछ कलाकार बॉलीवुड और अधिक राजस्थानी होंगे। बेटा चिराग सनी देओल, अरशद और तुषार को लेकर फिल्म ‘बैंड बाजे देंगे’ रिलीज करेगा।
राजस्थानी चला मुंबई
‘भोमली’ करने के बाद लगता था कि अब मैं बड़ा हो गया हूं। …

महाराष्ट्र की तर्ज पर हो अनुदान

फिल्म निर्माता निर्देशक के.सी. बोकाडिय़ा ने कहा कि राजस्थानी फिल्मों के विकास के लिए जरूरत है संवेदनशीलता से काम करने की।
सर्वेश भट्ट . जयपुर
सबसे पहले तो राजस्थान सरकार को इस बात के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा कि उसने फिल्मों को मनोरंजन कर से पूर्णतया मुक्त करके एक महत्वपूर्ण कार्य किया है। यह भी खुशी का विषय है कि जवाहर कला केंद्र ने राजस्थानी फिल्मों को फिर से चर्चा का विषय बनाने के लिए इसका समारोह आयोजित किया है। केवल समारोह आयोजित करके ही हमें अपने कर्तव्य की इतिश्री नहीं कर देनी चाहिए। आज जरूरत है इस बात पर विचार करने की कि यहां के फिल्मकार ऐसा क्या बनाएं, जिससे राजस्थानी फिल्में देखने के लिए जनता सिनेमाघरों तक आने लग जाए। मैंने अपने तीस साल से भी अधिक के फिल्मी कॅरिअर में यह महसूस किया है कि लोगों में राजस्थान को देखने की भूख है। लोग यहां के रहन-सहन, पहनावे, खान-पान और यहां की स्थापत्य कला के दीवाने हैं, इसलिए यहां के फिल्मकार यदि पारिवारिक थीम के साथ यहां की ऐतिहासिक थीम पर फिल्में बनाएं तो यह प्रयास निश्चित ही कारगर सिद्ध हो सकता है।
बदले अनुदान देने का सिस्टम
राज्य सरकार की ओर स…

म्हैं राखांला मान

राजस्थानी फिल्म महोत्सव : दूसरे दिन फिल्म डूंगर रो भेद और बाबा रामदेव का प्रदर्शन किया गया, वहीं कृष्णायन में राजस्थानी फिल्मों के तकनीकी पक्ष पर हुआ विचार-विमर्श  सुरेन्द्र बगवाड़ा . जयपुर
राजस्थानी फिल्म महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को जहां रंगायन सभागार में फिल्म 'डूंगर रो भेदÓ और 'बाबा रामदेवÓ का प्रदर्शन किया गया, वहीं कृष्णायन में 'राजस्थानी फिल्मों के तकनीकी पक्षÓ पर विचार-विमर्श हुआ। इस मौके पर निर्माता महेन्द्र धारीवाल ने कहा कि यदि सही तरीके से फिल्मों का बाजारीकरण हो तो इन्हीं फिल्मों से सोना कमाया जा सकता है। उन्होंने राज्य सरकार से राजस्थानी फिल्मों के लिए सिनेमा हॉल की मांग रखी। दूसरे सेशन 'राजस्थानी फिल्मों का गीत संगीतÓ में साहित्यकार इकराम राजस्थानी ने अपने गीतों की रचनाएं सुनाईं। उन्होंने कहा कि गीत के अनुकुल संगीत हो, संगीत के अनुकूल फिल्मांकन हो, तब ही सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देख सकते हैं। संगीतकार ललित सेन ने कहा कि यही भाषा है, जो हर प्रदेश के चैनलों पर टीवी सीरियलों के माध्यम से सुनाई दे रही है। यूपी, पंजाब, गुजरात जैसे प्रदेशों के संगीत का खजाना खत…

आभार, थे म्हांने पहचाण दी

जवाहर कला केंद्र में शुरू हुआ राजस्थानी फिल्म फेस्टिवल, फिल्मकारों ने एक स्वर में की आयोजन की सराहना, विमर्श के दौरान बताई अपनी समस्याएं और सुझाए समाधान
जयपुर. राजस्थानी भाषा और सिनेमा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार से जवाहर कला केन्द्र में तीन दिवसीय राजस्थानी फिल्म महोत्सव शुरू हुआ। इसमें शामिल होने आए सभी फिल्मकारों ने मुक्तकंठ से इस आयोजन की तारीफ करते हुए इसे एक अच्छी शुरुआत बताया। उनका कहना था कि इससे राजस्थानी सिनेमा को एक व्यापक पहचान मिलेगी।
       समारोह का उद्घाटन राजश्री प्रोडक्शन के निर्माता कमल बडज़ात्या ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जवाहर कला केन्द्र, जयपुर के महानिदेशक हर सहाय मीणा, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, जयपुर के आयुक्त एवं शासन सचिव कुंजीलाल मीणा, दूरदर्शन केन्द्र, जयपुर के निदेशक आर.पी. मीणा एवं राजस्थानी एसोशियेशन के अध्यक्ष के.सी. मालू भी मौजूद थे। इसके बाद राजस्थानी फिल्म सम्भावनाएं विषय पर विमर्श किया गया। विमर्श के प्रस्तोता सिने जर्नलिस्ट श्याम माथुर थे। वीणा कैसेट्स के निदेशक केसी मालू ने समारोह के दौरान होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी देते…

राजस्थानी फिल्म फेस्टिवल आज से

पहले दिन रंगायन सभागार में दिखाई जाएंगी ’भोभर’ और ‘म्हारी प्यारी चनणा’ जयपुर.  जवाहर कला केंद्र में तीन दिवसीय राजस्थानी फिल्म फेस्टीवल शुक्रवार को शुरू होगा। सुबह 11 बजे निर्माता कमल बडज़ात्या इसका उद्घाटन करेंगे। समारोह में कुल छह फिल्में दिखाई जाएंगी। पहले दिन म्हारी प्यारी चनणा और भोभर का प्रदर्शन किया जाएगा।
जेकेके की ओर से दूरदर्शनक केंद्र जयपुर, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और राजस्थानी एसोसिएशन के सहयोग से होने वाले इस समारोह में राजस्थानी फिल्मों पर सेशन भी होगा, जिसमें कमल बडज़ात्या, शिरीष कुमार, संजय सिंह, श्याम सुंदर व श्याम माथुर मुख्य वक्ता होंगे। फिल्मों का सफर नजराना भी ऑडियो वीडियो के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।
नीलू, अरविंद कुमार, निर्देशक शिरीष कुमार, संगीतकार ललित सेन, निर्माता के.सी. बोकाडिय़ा, कमल बडज़ात्या, सहित अनेक कलाकार दर्शकों से रू-ब-रू होंगे। साथ ही  3 अलग-अलग सेशन के जरिए फिल्मों के प्रोत्साहन और फिल्मों की नई तकनीक पर चर्चा करेंगे।
(सभी फिल्मों का प्रदर्शन जेकेके के रंगायन सभागार में होगा। तीनों दिन कृष्णायन में राजस्थानी भाषा के विकास, फिल्मों में योगदान औ…

महोत्सव में नामी फिल्मों की कमी

जवाहर कला केंद्र में २३ सितंबर से तीन दिवसीय राजस्थानी फिल्म महोत्सव मनाया जाएगा
सुरेन्द्र बगवाड़ा . जयपुर
राजस्थानी फिल्म महोत्सव में ‘म्हारी प्यारी चनणा’, ‘भोमली’, ‘भोभर’, ‘पंछिड़ा’, ‘चौखो लागो सासरियो’ और ‘डूंगर रो भेद’ फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं अभी तक आयोजकों की ओर से ‘बाई चाली सासरिए’, ‘सुपातर बीनणी’ जैसी सुपर हिट फिल्मों को दिखाने की बात चल रही थी। समारोह के इस बदले स्वरूप को लेकर जयपुरवासियों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि प्रदर्शन होने से भाषा को जरूर प्रोत्साहन मिलेगा, लेकिन ‘बाई चाली सासरिए’ जैसी फिल्में भी शेड्यूल में होतीं, तो महत्व दुगुना हो जाता। गौरतलब है कि यह तीन दिवसीय महोत्सव जवाहर कला केन्द्र जयपुर, दूरदर्शन केंद्र जयपुर और राजस्थानी एसोसिएशन के सहयोग से किया जाएगा। इसमें पुरानी फिल्मों के साथ नई फिल्मों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन सुबह 11 से रात 9 बजे तक किया जाएगा।
‘भोमली’ नाम काफी नहीं
 निर्देशक मोहन सिंह राठौड़ की फिल्म ‘भोमली’ हर राजस्थानी जुबां पर है, पर राजस्थानी महोत्सव की बात करें तो यह नाम इसके लिए काफी नहीं है। अभिनेता मोहन कटारिया …

कैसे होगा राजस्थानी फिल्म समारोह?

अभी तक आयोजकों की ओर से फिल्मों का चयन भी पूरा नहीं हो पाया। राजस्थानी कलाकारों को नहीं मिला निमंत्रण सुरेन्द्र बगवाड़ा . जयपुर 23 सितंबर से जवाहर कला केन्द्र में होने वाला जयपुर का पहला राजस्थानी फिल्म समारोह क्या हो पाएगा? क्या फिल्मों को देखने के लिए दर्शक रंगायन सभागार तक आ पाएंगे? इस पर अभी तक संशय बना हुआ है। अभी तक न तो आयोजकों की ओर से फिल्मों का चयन किया गया है और न ही अभी यहां आने वाले कलाकारों से बात हो पाई है। इसके चलते स्वयं आयोजक भी परेशानी में पड़े हैं।इस संदर्भ में जब सिटी रिपोर्टर ने आयोजकों से बात की तो उन्होंने कहा कि कल तो लिस्ट पूरी हो जाएगी। कार्यक्रम सफल होगा, लेकिन जब राजस्थानी कलाकारों से बात की तो उन्होंने कहा समारोह राम भरोसे है। कलाकार तो सिर्फ यही कह रहे हैं कि समारोह के लिए बुलाया जाएगा तो जरूर जाएंगे, लेकिन कब बुलाया जाएगा। एक दिन पहले? सूत्रों के अनुसार अभी तक सिर्फ बाई चाली सासरिए, सुपातर बीनणी और भोभर को प्रदर्शित करने के ही राइट्स मिले हैं। नानी बाई रो मायरो तो अभी ‘फिफ्टी फिफ्टी’।
आयोजकों ने नहीं बनाई फिल्में
सुपातर बीनणी के अभिनेता शिर…

सेंसर से पास हुई लाडो मरुधरा की शान

लेखक -निर्देशक शिरीष कुमार फिल्म के प्रमोशन के लिए शीघ्र ही आएंगे राजस्थान जयपुर. लेखक-निर्देशक शिरीष कुमार की सिनेमा स्कोप राजस्थानी फिल्म लाडो मरुधरा की शान को फिल्म सेंसर बोर्ड ने पास कर दिया है। इसे यू सर्टिफिकेट दिया गया है।
शिरीष कुमार ने फोन पर बताया कि उन्हें 8 सितंबर को सेंसर से सर्टिफिकेट मिल गया था। अब वे प्रमोशन की तैयारियों में लगे हैं। इसके लिए वे जल्द ही राजस्थान आएंगे। श्री शाकंभरी मल्टीमीडिया और च्वाइस इंटरनेशनल के बैनर तले बन रही इस फिल्म के निर्माता अनिल पाटोदिया हैं। कैमरा मैन देवेंद्र सूरी है तथा संगीत दिया है शेखर शर्मा ने। शिरीष कुमार ने इस फिल्म को लिखा तो है ही इसमें अभिनय भी किया है और निर्देशन भी। शिरीष कुमार, तन्मय शर्मा, पूजा साहू, विजय सिंह, साइन श्रीवास्तव, अभिनव शर्मा और रमेश तिवारी ने  फिल्म में मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।

फिल्में ही नहीं बनती तो समारोह कैसा : नाहटा

मशहूर राजस्थानी फिल्म निर्माता भरत नाहटा ने जयपुर में प्रस्तावित राजस्थानी फिल्म समारोह पर बेबाकी से रखा फिल्मकारों का पक्ष
भास्कर न्यूज. जोधपुर
राजस्थानी फिल्मों के निर्माता भरत नाहटा का मानना है कि वर्तमान दौर में जब राजस्थानी फिल्में न के बराबर बन रही हैं तो इससे संबंधित फिल्म समारोह का कोई औचित्य ही नहीं है। फिल्म जगत के वर्तमान परिदृश्य पर शनिवार को यहां चर्चा के दौरान उन्होंने भास्कर से कहा कि तमिल, तेलुगू, मलयालम व कन्नड़ जैसी दक्षिण भारतीय भाषा की फिल्में बॉलीवुड की हिंदी फिल्मों पर भारी पड़ती हैं। इसी तरह मराठी, गुजराती, पंजाबी व भोजपुरी फिल्में सिनेमाघरों में सिल्वर जुबली मना रही हैं। वहीं राजस्थानी में पिछले दशक के दौरान कुल जमा तीन या चार फिल्में बनी हैं। इनका भी कई शहरों में रिलीज होना अभी बाकी है। ऐसे में जयपुर के जवाहर कला केंद्र में 23 से 25 सितंबर तक राजस्थानी फिल्मों का समारोह किस उद्देश्य से किया जा रहा है, यह समझ से परे है।
नाहटा परिवार ‘बाबासा री लाडली’, ‘धणी लुगाई’, ‘बाबा रामदेव’, ‘वीर तेजाजी’, ‘धर्मभाई’ तथा ‘देराणी जेठाणी’ जैसी फिल्में बना चुका है। इनमें 1987 में स…

अब जयपुर में होगा राजस्थानी फिल्म फेस्टिवल

जवाहर कला केन्द्र जयपुर के रंगायन सभागार में 23 से 25 सितंबर तक होगा, नीलू, जगदीप, शिरीष कुमार जैसे राजस्थानी फिल्मों के कलाकारों की करीब 10 फिल्में दिखाई जाएंगी
सुरेन्द्र बगवाड़ा . जयपुर
यह पहला अवसर होगा जब जयपुर में राजस्थानी फिल्म फेस्टिवल होगा, वह भी सरकारी स्तर पर। तीन दिन तक चलने वाले इस फेस्टिवल में लगभग 10 फीचर फिल्में दिखाई जाएंगी। जवाहर कला केन्द्र और दूरदर्शन की ओर से 23 से 25 सितम्बर तक आयोजित होने वाले फेस्टिवल में बाई चाली सासरिए, सुपातर बीनणी और नानी बाई रो मायरो जैसी करीब 10 सुपरहिट फिल्में दिखाई जाएंगी। समारोह में नीलू, अरविंद कुमार, शिरीष कुमार, मूल चन्द्र सिंह, भरत नाटा, ललित सेन सहित अनेक कलाकारों के आने की संभावना है। वे प्रदर्शन के दौरान दर्शकों से रू-ब-रू होने के साथ 3 अलग-अलग सेशन के जरिए फिल्मों के प्रोत्साहन के बारे में चर्चा करेंगे। इसमें प्रमुख फिल्मों की नई तकनीकी, वर्तमान स्थिति, भविष्य और प्रमोशन कैसे हो? विषय है। इसमें दर्शकों का प्रवेश नि:शुल्क होगा।
फिल्मों के प्रमोशन का प्रयास
राजस्थानी सिनेमा के विकास के लिए राजस्थान सरकार ने पहले भी 5 लाख की सब्सिडी…

राजू बण गयो एमएलए का मुहुर्त कल

राजनीतिक पृष्ठभूमि पर बनने वाली संभवत: पहली राजस्थानी फिल्म जयपुर. राजस्थानी फिल्म राजू बण गयो एम एल ए का मुहुर्त 5 सितंबर को सुबह 9 बजे ब्यावर में होगा।
फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे अभिनेता अरविंद कुमार ने बताया कि फिल्म राजनीतिक पृष्ठभूमि पर है। इसमें भ्रष्टाचार का मुद्दा भी पुरजोर ढंग से उठाया गया है। निर्माता महफूज भाई, हितेश कुमार, एमएल सैन और प्रकाश रांका की इस फिल्म के निर्देशक हैं सुमित कुमावत। फिल्म में अरविंद कुमार, नीलू, इमरान खान, जस्मिन कुमार, अलीखान, अशोक भाटिया, उषा जैन, मोहन कटारिया, इशिका व मोनिका मुख्य भूमिकाओं में हैं।

Recent in Sports