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Showing posts from July, 2010

जय-जय दशा मां

6 अगस्त को रिलीज होगी दूसरी विदाई

उदयपुर के पिक्चर पैलेस में दिखाए जाएंगे रोजाना 4 शो

राजस्थानी फिल्मों के संरक्षण की मांग

राजस्थान की कला व संस्कृति मंत्री बीना काक से मिला राजस्थानी फिल्म एसोसिएशन मुंबई का प्रतिनिधिमंडल, मंत्री के सकारात्मक रूख ने जगाई आस

श्रीमती पदमा सरगरा

परमानंद रामदेव

जन्म :जोधपुर
पहली राजस्थानी फिल्म :
जय सुंधा माता
अब तक : एक राजस्थानी फिल्म रिलीज और एक निर्माणाधीन। दस साल से रंगमंच पर सक्रिय। धारावाहिक बिज्जी का खजाना के कई एपिसोड में विभिन्न भूमिकाएं निभाईं। इस दौरान सुरेखा सीकरी जैसी सीनियर कलाकार के साथ भी काम करने का मौका मिला। कई राजस्थानी एलबम्स में भी काम किया।
इन दिनों : बाल विवाह पर बन रही अनाम फिल्म की शूटिंग में व्यस्त।

कमल चंदा

जन्म : फलोदी, जोधपुर
पहली राजस्थानी फिल्म : जय संतोषी मां
अब तक : तीन राजस्थानी फिल्मों में विभिन्न भूमिकाएं कीं। हिंदी फिल्मों में भी लगातार सक्रिय। 1998 से अभिनय के क्षेत्र में । इस दौरान अलग-अलग भूमिकाएं की और अपने अभिनय की छाप छोड़ी।
इन दिनों : सब टीवी पर चल रहे धारावाहिक पाड़ पोल में  गेस्ट अपियरेंस। कई प्रोजेक्ट्स की शूटिंग में व्यस्त।

शैली

बाल प्रतिभा
जन्म : जयपुर, राजस्थान
उम्र : 5 साल 6 माह
पिता : भरत सिसोदिया (पत्रकार)
अब तक : स्कूल में आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नृत्य प्रस्तुति। इसके अलावा नाटकों में भी अभिनय।
लक्ष्य : बड़ी होकर एक अच्छी कलाकार व नृत्यांगना बनना चाहती है शैली। इसके लिए वह नृत्य का प्रशिक्षण भी ले रही है। पिछले दिनों उसने एक अ िसंस्था द्वारा लगाई गई अभिनय की वर्कशॉप भी पूरी की है।
इन दिनों : नृत्य प्रशिक्षण ले रही है। साथ ही अपनी प्रेप की पढ़ाई भी कर रही है।

दूसरी विदाई का भव्य प्रीमियर

अपने शहर के छोरे ( निर्देशक लोकेश मैनारिया) का हौंसला बढ़ाने उमड़ी झीलों की नगरी, फिल्म के कलाकारों व टीम का सम्मान

होशियारपुर की कुड़ी, राजस्थान में छाई

पंजाब के होशियारपुर में जन्मी उपासना सिंह ने अपना फिल्मी कैरिअर राजस्थानी फिल्म बाई चाली सासरिए से शुरू किया। यह फिल्म बहुत बड़ी व्यावसायिक हिट साबित हुई और वे राजस्थानी सिनेमा की चोटी की अभिनेत्रियों में शुमार हो गईं। क्षेत्रीय फिल्मों से निकलकर उन्होंने बॉलीवुड में दस्तक दी और वहां भी सफलता ने उनका आगे बढ़कर स्वागत किया। हालांकि अब वे पूरी तरह से बॉलीवुड में रम चुकी हैं लेकिन राजस्थान के लिए उनका प्यार आज भी बरकरार है। वे दिल से मानती हैं कि उन्हें पहचान दिलाने में राजस्थानी फिल्मों की बहुत बड़ी भूमिका रही है।
शिवराज गूजर
सात साल की उम्र से ही करने लगी थी अभिनय
उपासना सिंह ने सात साल की उम्र में ही अभिनय शुरू कर दिया था। तब वे जलंधर दूरदर्शन में बाल कलाकार के रूप में काम करती थीं। उम्र के साथ अभिनय भी जवां होने लगा। स्कूल और कॉलेज के स्टेज पर विभिन्न चरित्रों को जीने के साथ ही छह साल तक कत्थक की भी विधिवत शिक्षा ली। अभिनय का यह सफर उपासना को पूना ले गया जहां तीन महीने तक भीतर के कलाकार को टैनिंग के जरिए तराशा।
पहली ही फिल्म ने रच दिया इतिहास
पूना से मुंबई लौटने के बाद बमुश्किल 7 या 8 …

इसी माह रिलीज होगी दूसरी विदाई

निर्देशक लोकश मेनारिया ने प्रेसवार्ता में दी जानकारी, नगर परिषद के सुखाडिय़ा रंगमंच पर मंगलवार दोपहर 3 बजे होगा प्रीमियर,  संभागीय आयुक्त अपर्णा अरोरा होंगी मुख्य अतिथि और निर्देशक मोहन कटारिया विशिष्ट अतिथि
उदयपुर. स्थानीय कलाकारों के अभिनय से सजी और उदयपुर में फिल्माई गई राजस्थानी फिल्म दूसरी बिदाई इसी माह रिलीज होगी। राघव पिक्चर्स एंड एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी इस फिल्म का प्रीमियर शो 6 जुलाई को दोपहर 3 बजे नगर परिषद के सुखाडिय़ा रंगमंच पर होगा।
निर्देशक लोकेश मेनारिया ने यह जानकारी रविवार को यहां प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि प्रीमियर समारोह की मुख्य अतिथि संभागीय आयुक्त अपर्णा अरोरा होंगी और निर्देशक मोहन कटारिया विशिष्ट अतिथि होंगे। फिल्म के बारे में मेनारिया ने बताया कि इसकी शूटिंग उदयपुर क्षेत्र में ही की गई है और अधिकांश कलाकार भी स्थानीय ही हैं। इसमें 7 गाने हैं, लेकिन वे थोपे हुए नहीं बल्कि परिस्थितियों के अनुरूप हैं। फिल्म के कलाकारों में अजयकरण, मनीष कल्ला, रमेश बोहरा, रेखा बालड़, गजेंद्र शर्मा, दीपक दीक्षित, अंजना पालीवाल, नीतू कछावा, सोहन सुहालका, आशुतोष, नरेंद्र…

दूसरी विदाई का प्रीमियर 6 को

उदयपुर के नगर परिषद रंगमंच पर होगा, फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों के साथ ही पर्दें के पीछे सक्रिय रही टीम भी रहेगी मौजूद
जयपुर. राजस्थानी भाषा में बनी फिल्म दूसरी विदाई का प्रीमियर 6 जुलाई को दोपहर 3 बजे उदयपुर के नगर परिषद रंगमंच पर होगा।         निर्देशक लोकेश मेनारिया ने बताया कि इस मौके पर फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों के साथ ही पर्दें के पीछे सक्रिय रही टीम भी मौजूद रहेगी। दूसरी बिदाई विधवा विवाह पर आधारित एक पारिवारिक फिल्म है। हिन्दी में तो विधवा विवाह पर कई फिल्में बनी हैं, जिनमें पुरानी में प्रेम रोग और नई में बाबुल प्रमुख है, पर राजस्थान में ऐसे प्रयास बहुत कम हुए हैं। दूसरी विदाई इनसे थोड़ी हटकर है। इसमें विधवाओं की स्थिति दर्शाने के साथ ही कैसे उनका जीवनस्तर सुधारा जा सकता इस पर तो फोकस किया ही गया है, साथ ही इस बात को भी प्रमुखता से उभारा गया है कि हमें इस मर्दाना सोच को बदलना पड़ेगा कि आदमी तो पत्नी के होते हुए भी दूसरा विवाह कर सकता है लेकिन महिला पति के मरने के बाद विवाह करना तो दूर जीवन भी खुशी से नहीं जी सकती। फिल्म एक ऐसी महिला की है जो एक अच्छे परिवार में सुखी जीवन जी रही…

रुक्मणी रावल

जन्म : जोधपुर
पहली राजस्थानी फिल्म : पराई बेटी
अब तक : 3 राजस्थानी फिल्मों में अभिनय किया। इन फिल्मों में इनके द्वारा निभाए गए चरित्र काफी पसंद किए गए। एक टेली फिल्म में भी अभिनय किया। 
विशेष : आकाशवाणी पर प्रसारित होने वाले युववाणी कार्यक्रम में कई प्रस्तुतियां दीं।
इन दिनों : जोधपुर में चिकित्सा सेवा में व्यस्त।

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