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Showing posts from September, 2010

राजस्थानी फिल्मों को कर मुक्त करने व अनुदान देने पर निर्णय शीघ्र : सालोदिया

हर साल संभाग स्तर पर होगा राजस्थानी फिल्म महोत्सव, साहित्य अकादमी करवाएगी आयोजन

रेखा बालड़

जन्म : जोधपुर
पहली राजस्थानी फिल्म : म्हारी आखातीज (बैनर : श्री शक्ति फिल्म्स, निर्देशक : विनोद दत्त)
अब तक : दो राजस्थानी फिल्मों (म्हारी आखातीज और दूसरी विदाई) में काम किया। बाल विवाह पर आधारित एक डॉक्यूमेंटरी फिल्म सही इरादो तथा डीडी नेशनल पर प्रसारित धारावाहिक बिज्जी की कहानियां में अभिनय। दस साल से रंगमंच पर सक्रिय। राजस्थानी गानों के कई एलबम्स में भी विभिन्न भूमिकाएं अभिनीत की। वीर तेजाजी महाराज री जीवनी में अभिनय के लिए विशेष सराहना।
विशेष : आकाशवाणी के नाटकों में कई चरित्रों को आवाज दी। पच्चीस साल से कत्थक एवं लोक नृत्य की साधना।
इन दिनों : नृत्य प्रशिक्षण दे रही हैं। साथ ही अध्यापन कार्य में व्यस्त।

महिपाल : राजस्थानी फिल्मों के पहले नायक

1942 में राजस्थानी सिनेमा रूपहले परदे पर अवतरित हुआ। पहली फिल्म थी नजराना और पहले नायक थे महिपाल।
महिपाल का जन्म 24 नवंबर 1919 को राजस्थान के जोधपुर कस्बे में हुआ। किशोरावस्था से ही वे थियेटर से जुड़ गए। वे कविताएं भी बहुत बढिय़ा लिखते थे। थियेटर करने का जुनून उन्हें मुंबई ले गया। जीपी कपूर द्वारा निर्मित राजस्थानी फिल्म नजराना को उनकी डेब्यू फिल्म माना जा सकता है। यह फिल्म राजस्थानी भाषा में बनने वाली पहली फिल्म थी। नजराना के निर्माता भले ही राजस्थान के नहीं थे, लेकिन राजस्थानी फिल्मों का हीरो बनने का मौका एक राजस्थानी को ही मिला। महिपाल ने नवरंग और पारसमणी सहित कई चर्चित हिंदी फिल्मों में भी अभिनय के कई रंग बिखेरे। जीवन के अंतिम दिनों में उन्होंने खुद को सिने जगत से बिल्कुल अलग कर लिया था। ...और 15 मई 2005 को सिनेमा के पर्दे का यह हीरो जीवन के रंगमंच से हमेशा के लिए विदा हो गया।

गोलेछा सिनेमा के इलैक्ट्रीशियन डूंगाराम सैनी सेवानिवृत्त

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