Skip to main content

बाप रे! बड़े खतरनाक इरादे हैं इस छोरी के

http://rajasthanicinema.com/

हर लड़की का ख्वाब होता है वह हीरोइन बने, पर वो खलनायिका बनना चाहती है। हालांकि, जल्द ही रिलीज होने वाली फिल्म में उसका किरदार पॉजीटिव है पर उसे नकारात्मक किरदार में ज्यादा स्कॉप नजर आता है। अपनी खूबसूरती में ये खतरनाक इरादे समेटे यह छोरी है राजस्थान की गुलाबीनगरी की कोमल गोलीमार। कोमल ने जहां अभिनय में अपनी प्रतिभा साबित की है वहीं एंकरिंग में भी एक अलग पहचान बनाई है। इसके साथ ही वो एक कामयाब मॉडल भी हैं। राजस्थानी सिनेमा डॉट कॉम के लिए हाल ही उन्होंने एक्सक्लूजिव इंटरव्यू दिया।  




अपने बारे में

मैं कोमल गोलीमार। यह मेरा स्क्रीन नेम है। घर पर सब मुझे कौमी बुलाते हैं। हम तीन बहने हैं। एक की शादी हो चुकी हैं। मैं मुंबई शिफ्ट हो गई हूं। एक बहन मोम-डेड के साथ जयपुर में है। पिताजी बिजली बोर्ड में सुप्रीटेंडेंट थे। अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। मेरी मां हाउस वाइफ है।

अभिनय की शुरुआत कैसे हुई

मैंने अभिनय स्कूल के वक्त से ही शुरू कर दिया था। यह कोई आठ साल पहले की बात है। उस वक्त मैंने एक प्ले किया था पन्ना धाय। उसमें मेरे अभिनय की काफी तारीफ हुई। प्ले को देखने एक शॉर्ट फिल्म मेकर भी आए थे। उन्हें मेरा काम काफी पसंद आया। इसे मेरा लक कहें या कुछ कि वे उन दिनों नई फिल्म पर काम कर रहे थे। उन्होंने वहीं पर मुझे उसमें काम करने का ऑफर दिया। हालांकि, उस वक्त मेरी उमर ज्यादा नहीं थी, लेकिन अभिनय से लगाव के चलते मैं उस मौके को खोना नहीं चाहती थी। मैंने हां कह दी और शुरू हो गया मेरा सफर।

अब तक का सफर कैसा रहा? क्या आपको भी अन्य कलाकारों की तरह स्ट्रगल करना पड़ा?

स्ट्रगल तो इस फील्ड के साथ जुड़ा हुआ ही है, पर मुझे ज्यादा नहीं करना पड़ा। मेरे साथ सबसे अच्छी बात यह रही कि मैंने जहां भी एप्लाई किया मेरा सलेक्शन हो गया। मैं रिजेक्ट नहीं हुई। एंकरिंग शुरू की तो सफलता मिली। मोडलिंग शुरू की तो वहां भी मेरी गाड़ी चल निकली। आज भी मैं अभिनय के साथ-साथ कई प्रोडक्ट की मोडलिंग कर रही हूं। वीडियो के साथ ही प्रिंट शूट में भी लगातार काम कर रही हूं।

टीवी और सिनेमा में से आप किसे ज्यादा तरजीह देंगी?

टीवी को। मुझे डेली सोप बहुत पसंद हैं, खासकर फैमिली ड्रामा। लाइक सास-बहू वाले सीरियल्स। ये आपको घर-घर की पसंद बना देते हैं।

कोई ड्रीम रोल?

एक कलाकार के लिए सभी रोल पसंदीदा होते हैं, पर मुझे नेगेटिव कैरेक्टर बहुत ज्यादा पसंद है। मेरी इच्छा ऐसे ही किरदार निभाते हुए अपनी पहचान बनाने की है।   लोग मुझे लेडी खलनायक के नाम से पुकारें। (कहते हुए हंसने लगती हैं)

राजस्थानी फिल्म कियां जाऊं सासरिए में आपका क्या रोल है?

इस फिल्म में मेरा रोल बहुत ही ज्यादा त्याग करने वाला है। मैं परिवार की वो बड़ी लड़की हूं, जो छोटी बहन की मुस्कान के लिए अपनी हर खुशी कुर्बान करती चली जाती है। यहां तक कि अंत में अपना प्यार भी उसके लिए छोड़ देती है।

आपके पसंदीदा निर्देशक?

वन एंड ओनली मधुर भंडारकर। उनकी फिल्में रियलिस्टिक होने के साथ ही हर्ट टचिंग होती हैं। पेज थ्री देखें या फिर फेशन देख लें। फिल्म देखने के बाद आप देर तक उसी के बारे में सोचते रहेंगे। यही उनकी खासियत है।

पसंदीदा हीरोइन?

करीना कपूर मुझे बहुत पसंद है। वो काफी ट्रेंडी हैं। हर बार एक नया ट्रेंड लेकर आती हैं। उनसे काफी सीखने को मिलता है। साइज जीरो का ट्रेंड वही लेकर आई थीं। उसका महिलाओं में कितना क्रेज था, कोई भी बता सकता है।

पसंदीदा फूड

चाइनीज फूड इज माई फेवरेट। उसमें भी पिज्जा में तो मेरी जान बसती है। राजस्थानी फूड दाल-बाटी चूरमा भी मुझे बहुत पसंद है। खासकर उस वक्त जब यह मैंने बनाया हो। मुझे खाना खुद पकाना पसंद है। जब भी कुछ खास खाने का मन होता है तो मैं ही पकाती हूं।

Comments

Popular Posts

अब तक रिलीज राजस्थानी फिल्में

1942
1 नजराना
1961
2 बाबासा री लाडली
1963

म्हारी सुपातर बीनणी का तीसरे सप्ताह में प्रवेश

सीकर के सम्राट सिनेमा में सफलतापूर्वक दो सप्ताह पूरे फनी पिपुल एंटरटेन्मेंट प्राइवेट लिमिटेड बैनर तले बनी राजस्थानी फिल्म म्हारी सुपातर बींदणी सीकर के सम्राट सिनेमा में सफलतापूर्वक दो सप्ताह पूरे करने के बाद तीसरे में प्रवेश कर गई है। राजस्थानी सिनेमा के चाहने वालों के लिए यह बड़ी खुशखबरी है,

राजस्थानी फिल्म शंखनाद का पोस्टर लांच

जयपुर। श्रवण सागर की अपकमिंग राजस्थानी फिल्म शंखनाद का पोस्टर मालवीय नगर स्थित होटल ग्रांड हरसल में किया गया। महाराणा प्रताप के सैनानी गाडिया लुहारों की वर्तमान हालत और पिछड़ेपन पर बनी इस फिल्म का निर्देशन संतोष क्रांति मिश्रा ने किया है।

फिल्म के प्रोड्यूसर मनोज यादव व प्रजेंटर अनिल यादव ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि लोगों को यह फिल्म जरूर पसंद आएगी। फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे अभिनेता श्रवण सागर ने कहा कि यह फिल्म उनके दिन के बहुत करीब है। इसमें मेरा किरदार मेरे अब तक निभाए किरदारों से एकदम अलग है। इसके लिए मुझे गाड़िया लुहारों के रहन-सहन, उनके उठने-बैठन और बात करने का तरीका सीखने के लिए काफी तैयारी करनी पड़ी। मैं उन लोगों से मिला भी। उनके बीच रहा भी। इस दौरान मैंने देखा कि कितनी विपरीत परिस्थितियों में वे जीवन जी रहे हैं। थोड़ी परेशानी तो हुई, लेकिन इस दौरान का अनुभव शंखनाद में निभाई गई भूमिका में रम जाने में बहुत मददगार रहा। इस मौके पर बिजनेसमैन अरुण गोयल, विकास पोद्दार और अशोक प्रजापति भी मौजूद रहे।

फिल्म में श्रवण सागर ,संजना सेन, सजल गोयल ,अथर्व श्रीवास्तव ,रॉकी संतोष, गोविंद …

Recent in Sports