बहन के भरोसे की डोर है-चूंदड़ी ओढ़ासी म्हारो बीर

जयपुर. उसे पता है उसका भाई अब नहीं रहा। सारा जग यह बात कह रहा है पर उसका मन यह नहीं मान रहा। उसे आज भी भरोसा है है कि भाई अपना वादा निभाएगा। मैं मायरे (भात) में खड़ी नहीं रहूंगी। मेरा भाई भात भरने जरूर आएगा। मन के भीतर से यही आवाज आ रही है-चूंदड़ी ओढ़ासी म्हारो बीर। यह सार है आने वाली राजस्थानी फिल्म चूंदड़ी ओढ़ासी म्हारो बीर का। एक बहन का यह भरोसा कायम रहता है या नहीं......यह सस्पेंश है जो फिल्म देखने के दौरान ही खुलेगा।
कैर सांगरी एंटररटेनमेंट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड व निर्माता मुकेश टाक सावर की इस फिल्म के निर्देशक हैं एम निशांत भारद्वाज। नृत्य निर्देशन राजेश वर्मा का है तथा एक्शन रवि शिंदे का। फिल्म में संगीत प्रद्युमन शर्मा  ने दिया है।
पुष्कर और कुचामन का किला खास आकर्षण
लाला हरदौल की लोक कथा पर आधारित कैर-सांगरी एंटरटेनमेंट की यह फिल्म राजस्थान की खूबसूरत लोकशन पर फिल्माई गई है। प्रमोशन से जुड़ी कंपनी पर्सेप्शन मैनेजर की आरती ने बताया कि पुष्कर की खूबसूरती और कुचामन के किले का गौरव फिल्म के खास आकर्षण है। इसके अलावा ऊंटों व घोड़ों पर फिल्माए गए लड़ाई के दृश्य भी रोमांचित करने वाले हैं।
स्टार कास्ट
टीवी कलाकार दिव्यांका त्रिपाठी रानी पद्मावती तथा सचिंदर राजकुमार हरदौल की भूमिका में हैं। देवेंदर भगत ने झुंझर सिंह का तथा दीप चोक्सी ने कुंजावटी का रोल किया है। बाल कलाकार की भूमिका निभाई है कुनाल ने।

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