बारिश में भीगते देखी पटेलण



आसमान से बरसती बूंदे भी पटेलण के प्रीमियर को नही रोक सकी। जनजाति क्षेत्र के अंदरूनी गांव ओगणा में फिल्म का प्रीमियर न केवल ग्रामीणों के लिए बल्कि उसमें काम करने वाले कलाकारों के लिए भी यादगार बन गया। अरावली की सुरम्य उपत्यकाओं के बीच बसे इस गांव में इस फिल्म के दौरान बिजली भले ही गुल थी, लेकिन प्रदेश के श्रम राज्य मंत्री मांगीलाल गरासिया, क्षेत्र के सांसद रघुवीर सिंह मीणा, यूनिसेफ के राज्य प्रमुख सेम्यूल मेंगोनीज और फिल्म के मुख्य कलाकारों की मौजूदगी ने सारी कमी पूरी कर दी।


ग्रामीणो का उत्साह ही था की शाम चार बजे से ही फिल्म के प्रीमियर को देखने को लिए भीड़ जुडऩे लगी न केवल ओगणा बल्कि आस-पास के गांवों नेवज, बिरोठी, आंजरोली, पानरवा, वास, मोखी, मोहम्मद फलासिया, मेवाडो मामठ तक से ग्रामीण खिचे चले आए। बारिश का दौरा करीब तीन बजे शुरू हो गया, लेकिन फिल्म कलाकारों को देखने के मोह ने सभी को रात तक बांधे रखा। आखिर कई लोग सालों बाद कई पहली बार सिनेमा देखने की उम्मीद थे। यही कारण रहा कि किसी ने सिर पर बैनर ढंककर, तो किसी ने छाता तानकर और कई ने बारिश में भीगते-भीगते फिल्म देखी और जमकर हूटिंग भी की।

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