महोत्सव में नामी फिल्मों की कमी

जवाहर कला केंद्र में २३ सितंबर से तीन दिवसीय राजस्थानी फिल्म महोत्सव मनाया जाएगा
सुरेन्द्र बगवाड़ा . जयपुर
राजस्थानी फिल्म महोत्सव में ‘म्हारी प्यारी चनणा’, ‘भोमली’, ‘भोभर’, ‘पंछिड़ा’, ‘चौखो लागो सासरियो’ और ‘डूंगर रो भेद’ फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं अभी तक आयोजकों की ओर से ‘बाई चाली सासरिए’, ‘सुपातर बीनणी’ जैसी सुपर हिट फिल्मों को दिखाने की बात चल रही थी। समारोह के इस बदले स्वरूप को लेकर जयपुरवासियों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि प्रदर्शन होने से भाषा को जरूर प्रोत्साहन मिलेगा, लेकिन ‘बाई चाली सासरिए’ जैसी फिल्में भी शेड्यूल में होतीं, तो महत्व दुगुना हो जाता। गौरतलब है कि यह तीन दिवसीय महोत्सव जवाहर कला केन्द्र जयपुर, दूरदर्शन केंद्र जयपुर और राजस्थानी एसोसिएशन के सहयोग से किया जाएगा। इसमें पुरानी फिल्मों के साथ नई फिल्मों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन सुबह 11 से रात 9 बजे तक किया जाएगा।
‘भोमली’ नाम काफी नहीं
 निर्देशक मोहन सिंह राठौड़ की फिल्म ‘भोमली’ हर राजस्थानी जुबां पर है, पर राजस्थानी महोत्सव की बात करें तो यह नाम इसके लिए काफी नहीं है। अभिनेता मोहन कटारिया कहते हैं कि दर्शकों को आकर्षित करने के लिए नामी फिल्मों का प्रदर्शन जरूरी है।
फिल्म पोस्टरों का होगा प्रदर्शन
महोत्सव में राजस्थानी फिल्मों के पोस्टरों और फोटोज की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। वहीं राजस्थानी फिल्म उद्योग से जुड़े कई विशिष्ट लोग राजस्थानी फिल्मों के विषय पर बातचीत करेंगे।
(source-citybhaskar,jaipur )

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