राजस्थानी फिल्मों ने बढ़ाया हौसला

अभिनेत्री शुभी शर्मा जयपुर आईं, कहा-बड़े बजट की फिल्म नहीं बन पा रही है, इसीलिए भोजपुरी फिल्मों की ओर रुख किया

जयपुर. राजस्थानी फिल्में करना मेरा कर्तव्य है। जब भी अच्छा निर्देशक और कहानी मिलेगी, फिल्म जरूर करूंगी। भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में स्टार बनना एक सपने जैसा है। सच कहूं तो राजस्थानी फिल्म ‘हिवड़े से दूर मत जा’ ने ही मेरा हौसला बढ़ाया, पर आज यहां कोई बड़े बजट की फिल्म नहीं बन पा रही है। इसीलिए भोजपुरी फिल्मों की ओर रुख किया। निर्माता अजय सिन्हा की फिल्म ‘चलनी के चालल दूल्हा’ और ‘ससुरा बड़े पैसे वाला’ में मुख्य भूमिका निभाई। इसके लिए भोजपुरी फिल्म अवार्ड सेरेमनी में बेस्ट अपकमिंग अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। डांस गुरु गणेश आचार्य के साथ ‘रूहतंरग’ की। इसके बाद ‘भईया की साली ओढऩी वाली’ की। अभी वहां के स्टार अभिनेता रवि किशन के साथ फिल्म ‘संतान’ और निरहूआ एंटरटेनमेंट के बैनर पर अभिनेता दिनेश लाल यादव के साथ औलाद की है। द संडे इंडियन और आईसीएमआर के एक सर्वे में भोजपुरी फिल्मों की श्रेष्ठ अभिनेत्री का खिताब मिलना लाइफ का सबसे बड़ा अचीवमेंट रहा।
डांस से मिली ‘मनी है तो हनी है’
जयपुर में वीणा कैसेट्स के एलबम और एक राजस्थानी फिल्म करने के बाद मैंने मुंबई का रुख किया। वहां गणेश आचार्य से 6 महीने तक डांस सीखा। उन्होंने ही कॉमेडी फिल्म ‘मनी है तो हनी है’ दिलवाई। अभिनय की बारीकियां सीखने के लिए मुंबई में किशोर नमित कपूर एक्टिंग इंस्टीट्यूट से ट्रेनिंग ली। फिल्म इंडस्ट्री में गणेश आचार्य ने मेरा काफी सहयोग किया। वे प्रतिभा की सराहना करते हैं।
जितनी राजस्थानी आती है, उतनी ही भोजपुरी और साउथ की भाषा
भोजपुरी और दक्षिण भारत की फिल्मों में काम करना शुरू में काफी कठिन रहा, पर ऑफर छोडऩा नहीं चाहती थी, इसीलिए भाषा सीखी। आज जितनी राजस्थानी आती है, उतनी ही भोजपुरी और साउथ की भाषा। जयपुर आई हूं। अभिभावकों का थैंक्स, जिन्होंने मुझे आगे बढऩे में सहयोग किया।

(जैसा उन्होंने सिटी रिपोर्टर को बताया source-citybhaskar,jaipur )

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अच्छी व रोचक जानकारी , क्षेत्रीय भाषाओं के विस्तार में इन प्रयासों का बहुत बडा योगदान है । जानकारी बांटने का बहुत बहुत शुक्रिया ।